सुनो हे भागीरथी
सुनो हे भागीरथी! ****************** तोड़ बंधन सारी उन्मुक्त हो शिव का जटा से खुद को निकल आना सुनो हे भागीरथी! आकाश से धरती तक फैली है नफरत की ज्वालामुखी शांत हो ऐसा एक परिवेश ले आना। बहा ले जा...
रोज़ रोज़ समाज में हो रहे औरतों और बच्चों पर अत्याचार से तंग आ कर, मन में जन्मे कुछ भावों को अपने कलम से उतारने कि कोशिश में एक नयी समाज कि आकांक्षा करते हुए ...latatejeswar 'renuka'