कभी तुमको बुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ
कभी तुमको बुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ पल पल तेरी खातिर तेरी ही गीत सुनाऊँ।1। कभी तुमको भुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ एक फूल खिल गया था तेरी याद आने से हवायें भी थम गयी तेरी मुस्क...
रोज़ रोज़ समाज में हो रहे औरतों और बच्चों पर अत्याचार से तंग आ कर, मन में जन्मे कुछ भावों को अपने कलम से उतारने कि कोशिश में एक नयी समाज कि आकांक्षा करते हुए ...latatejeswar 'renuka'