कभी तुमको बुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ

कभी तुमको बुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ
पल पल तेरी खातिर तेरी ही गीत सुनाऊँ।1।
कभी तुमको भुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ

एक फूल खिल गया था तेरी याद आने से
हवायें भी थम गयी तेरी मुस्कुराने से।2।
कभी तुमको पुकारूँ......

लहराते आँचल भी तो मुस्कराए चाँदनी में
तुम जब आयी छत पर उस रात फ़िज़ाओं में।3।
कभी तुमको बुलाऊँ......

समुंदर की लहरें कैसे गुनगुनाए हवाओं में
जब से ये खबर हुई कि तुम आई बहारों में।4।
कभी तुमको पुकारूँ......

मौसम बुलाये तुमको लौटकर आने को
इजाजत नही मगर लौटके फिर जाने को।5।
कभी तुम को बुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ

गाते चलेंगे हम दुनिया की हर सफर में
मुहब्बत की राहों पर वही गीत सुनाएँगे।6।
कभी तुम को बुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ।

पल पल तेरे खातिर तेरी ही गीत सुनाऊँ।
कभी तुमको भुलाऊँ कभी तुम्हें याद आऊँ

©लतातेजेस्वर 'रेणुका'


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