Mein Damini hun... मैं दामिनी हूँ
Mein Damini hun... मैं दामिनी हूँ आप की जैसी एक जिंदगानी हूँ जीना था मुझे आप की तरह रोज़ सवेरे उठकर ऑफिस जाना था- एक छोटा सा घर बनाना था। किसीकी बहन तो थी ही किसीकी जननी भी कहलानी थी- माँ मुझे जीना था। आज जल गया मेरा सवेरा टूट गये सारे अरमान जा रही मैं, इस दुनिया को छोड़ कर- मगर माँ मुझे जीना था, रोज़ सवेरे आप का पैर छूना था। उजड़ गयी आज दुनिया मेरी पर एक ख्वाब मुझे बुनना था, और माँ मुझे जीना था। कैसे कहूँ, जो अब मैं चली गयी लोगों की दिल में चोट बनकर रह गयी, इस चोट को दुनिया वालों, खुरेदना मत मैं जा रही, पर ख्याल आप की माँ बहन का रखना। जब भी लगे चोट उनको तो मुझे याद कर लेना, मैं दामिनी हूँ- लोगों, मुझे दिल में बसाए रखना, अगर मैं आज जो जीत गयी ये जीत आप की बहन बेटी की होगी मुझे जीत जाने दो मुझे जीने दो। माँ मुझे जीना था। © Lata Tejeswar 9/13/2013